विश्व प्रसिद्ध पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा 2024 आज से शुरू हो रही है। इस क्रम में भक्तों की भीड़ हर घंटे बढ़ती जा रही है। हर कोई उस दिव्य क्षण का इंतजार कर रहा है। सिंहद्वारम में रथ स्वामी का इंतजार कर रहे हैं। इस साल भक्तों को दो दिन तक रथों का आशीर्वाद मिलेगा। उल्लेखनीय है कि इस साल यात्रा का दुर्लभ श्रीगुंडिचा मुहरत 53 वर्षों के बाद आ रही है। इससे पहले 1971 के बाद 1909 में दुर्लभ श्रीगुंडिचा यात्रा की गई थी। इसके चलते इस यात्रा के लिए बड़ी संख्या में भक्त मंदिर क्षेत्र में उमड़ रहे हैं। इस साल जगन्नाथ रथ यात्रा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के शामिल होने का भी कार्यक्रम है ।इस क्रम में नेत्रोत्सव, नवयुवा दर्शन और श्रीगुंडिचा यात्रा निकाली जाएगी। भक्त दो दिनों तक स्वामी के रथोत्सव के साक्षी बनेंगे।
पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा 2024 कार्यक्रम
आज दोपहर 1 बजे यात्रा से पहले तीन टोलियों में वाचन शुरू होगा, जिसके बाद गजपति राजू पूजा की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। यह शाम 5 बजे से रवाना होगी। इस पल का साक्षी बनने के लिए दुनियाभर से लाखों भक्त आ रहे हैं। भक्तों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा की भी कड़ी व्यवस्था कर दी गई है। बारिश की संभावना के चलते वीआईपी की मौजूदगी भी चुनौती रहेगी । सेवकों और आयोजकों का कहना है कि ठाकुर को हर हाल में तीनों रथों को खींचना चाहिए और भक्तों के अनुशासित दर्शन को प्राथमिकता देनी चाहिए। रात 11:00 बजे श्री विग्रह की शोभायात्रा शुरू होती है और शाम 5:00 बजे रथ खींचा जाता है।तीनों लकड़ी के रथों में सबसे बड़े रथ में 16 भारी पहिए लगे हैं और यह 44 फीट ऊंचा है। बलभद्र के रथ में 14 पहिए हैं और यह 43 फीट ऊंचा है, सुभद्रा देवी के रथ में 12 पहिए हैं और यह 42 फीट ऊंचा है। इस रथ को 50 मीटर लंबी रस्सियों से खींचा जाता है। लोगों का मानना है कि रथ खींचने से उन्हें सौभाग्य की प्राप्ति होती है और अपनी गलतियों का प्रायश्चित होता है। पुरी रथ यात्रा में सबसे पहले बलराम का रथ खींचा जाता है। फिर सुभद्रा देवी, जगन्नाथ का रथ खींचा जाता है।
दूसरे राज्यो में जगन्नाथ रथ यात्रा कार्यक्रम
अहमदाबाद के जगन्नाथ मंदिर में तीनों मूर्तियों को सजाए जाने के बाद रथ यात्रा औपचारिक रूप से शुरू हुई। समारोह में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी शामिल हुए। गृह मंत्री शाह पहले ही जगन्नाथ मंदिर पहुंच चुके हैं और तीनों मूर्तियों के दर्शन के लिए पूजा-अर्चना की है। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में इस्कॉन संगठन ने भी रथ यात्रा की तैयारियां कर ली हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मिंटो पार्क के पास 3सी अल्बर्ट रोड स्थित इस्कॉन मंदिर से रथ यात्रा की शुरुआत करेंगी। यहां 46 साल पुराने रथ पर जुलूस निकाला जाएगा। रथ के पहियों का वजन 250 किलो है, जगन्नाथ के रथ की ऊंचाई 46 फीट और बलभद्र के रथ की ऊंचाई 38 फीट है। पुरी के बाद कोलकाता की रथ यात्रा दुनिया की सबसे बड़ी रथ यात्रा मानी जाती है। पिछले साल 9 दिनों तक चले इस उत्सव में 20 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए थे।
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